30 April, 2015 सरकार के साथ विपक्ष भी बने जिम्मेदार एक स्वस्थ और बेहतर लोकतंत्र के लिए ज़रूरी क्या है? अगर हम लोकशाही को सफल बनाना चाहते हैं, तो एक बेहतर सरकार तो ज़रूरी …
30 April, 2015 मुट्ठी भर के लिए क्यों क़ुर्बान हो पूरे देश का विश्वास? प्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारत सरकार अपना दिमाग़ साफ करे और धारा तीन सौ सतहत्तर के ऊपर अपनी स्पष्ट राय तीन हफ्तों …
30 April, 2015 भारी पड़ेगा समलैंगिकताका विरोध न करना तीन सौ सतहत्तर धारा को हटाने का खेल ख़ामोश होकर भी देखा जा सकता है. बहुत से लोग देख भी रहे हैं, क्योंकि लगता …
30 April, 2015 गेंद तो राजनीतिक दलों के पाले में है (अति उत्साह में लोगों ने फैसले का मतलब पढ़ने की जहमत ही नहीं उठाई. न ही सही संदर्भों और मायनों में उसकी व्याख्या की. …
30 April, 2015 बिजली-पानी पर अब भी चेत जाएं सालों पहले नारा गूंजता था-रोटी कपड़ा दे न सके जो, वह सरकार निकम्मी है. आज यह नारा नहीं गूंजता, क्योंकि प्राथमिकताएं पिछले सालों में …
30 April, 2015 सरकार को संवेदनशील होनें की जरूरत संवेदनशील होना किसी भी सरकार के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है. लोकतांत्रिक देशों के लिए ख़ासकर भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र …