14 March, 2016 किसानों के सब्र का इम्तिहान मत लीजिए मैं जानता हूं कि सरकार के कान में अ़खबारों की लिखी बातें नहीं पहुंचतीं. जो निर्णय लेने वाले सज्जन हैं, वे टेलीविजन देखते हैं …
31 August, 2015 यह देशप्रेम नहीं, देशद्रोह है एक मजेदार स्थिति पैदा हो गई है, जिसका देश की अर्थव्यवस्था से तो रिश्ता है, लेकिन उसका इस्तेमाल राजनीतिज्ञ अपने हक़ में करना चाहते …