14 October, 2016 ग़िलानी साहब, आपका ये बयान दुखद है आज एक अजीब सा सवाल दिमाग में घूम रहा है. क्या हम अपनी मांगों के समर्थन में इतनी दूर चले जाएं कि कब हमने …