28 November, 2016 सरकार ही क़ानून तोड़ेगी तो क़ानून की रक्षा कौन करेगा ये शिकायत नहीं है, ये गुस्सा भी नहीं है और इसके आगे कहें, तो अब कोई तकली़फ भी नहीं है, क्योंकि ऐसा लगता है …