07 February, 2017 क्या लोकतंत्र का यह स्वरूप नैतिक और संविधान सम्मत है! जैसे-जैसे आजाद हुए समय बीतता जा रहा है, वैसे-वैसे ऐसा लगता है कि पुराने लोग देवताओं के समान थे और आज के ज़माने के …