Our Journal

The blog subtitle

अन्ना का राजनितिक क़दम

अन्ना के ग़ुस्से से शायद कम, लेकिन देश की जनता के ग़ुस्से से डरकर संसद बैठी और एक प्रस्ताव पारित किया गया. हालांकि इस …

आडवाणी की चाणक्य नीति

संघ की एक आदत रही है कि कभी मुसीबत का सामना मत करो, पीठ दिखाकर अलग हट जाओ और इसका उदाहरण संजय जोशी का ही …

संविधान और जनता को धोखा

भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ. लेकिन आश्‍चर्य की बात तो यह है कि बिना जनता को विश्‍वास में लिए और बिना संसद  …

कांग्रेस का भस्मासुर

समूचे देश की नज़रें कांग्रेस पर हैं. लेकिन ख़ुद कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पार्टी संगठन की लगातार बिगड़ती हालत के प्रति कतई चिंतित नहीं …