अन्ना के ग़ुस्से से शायद कम, लेकिन देश की जनता के ग़ुस्से से डरकर संसद बैठी और एक प्रस्ताव पारित किया गया. हालांकि इस …
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अन्ना के ग़ुस्से से शायद कम, लेकिन देश की जनता के ग़ुस्से से डरकर संसद बैठी और एक प्रस्ताव पारित किया गया. हालांकि इस …
संघ की एक आदत रही है कि कभी मुसीबत का सामना मत करो, पीठ दिखाकर अलग हट जाओ और इसका उदाहरण संजय जोशी का ही …
देश की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा की मौजूदा हालत किसी से छिपी नहीं है. संगठन के अंदरखाने चल रही उठापटक जितनी उच्चस्तरीय है, उतनी ही …
भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ. लेकिन आश्चर्य की बात तो यह है कि बिना जनता को विश्वास में लिए और बिना संसद …
समूचे देश की नज़रें कांग्रेस पर हैं. लेकिन ख़ुद कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पार्टी संगठन की लगातार बिगड़ती हालत के प्रति कतई चिंतित नहीं …
भारतीय जनता पार्टी में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर जिस तरह की कश्मकश जारी है, उससे देश की इस प्रमुख विपक्षी पार्टी की …